
परिमाण वाचक विशेषण के उदाहरण | Pariman Vachak Visheshan Ke Udaharan
परिमाण वाचक विशेषण के उदाहरण (Pariman Vachak Visheshan Ke Udaharan) हिंदी व्याकरण को सरल तरीके से समझने में मदद करते हैं। इस प्रकार के विशेषण यह बताते हैं कि किसी वस्तु, पदार्थ या भाव की मात्रा कितनी है। स्कूल स्तर पर जब बच्चे उदाहरणों के माध्यम से अभ्यास करते हैं, तो वे वाक्यों में मात्रा बताने वाले शब्दों को आसानी से पहचानना सीखते हैं। यह विषय कक्षा 5 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है।
हिंदी परिमाण वाचक विशेषण के उदाहरण (Pariman Vachak Visheshan Ke Udaharan Worksheet With Answers and Free PDF For Class 5 to Class 8)
परिमाण बताने वाले शब्द रोजमर्रा की भाषा में बहुत अधिक प्रयोग किए जाते हैं। जब किसी वाक्य में यह बताया जाए कि कितना, कितना-सा या कितनी मात्रा है, तब ऐसे शब्द विशेषण के रूप में काम करते हैं। इस प्रकार के शब्द संख्या नहीं बताते, बल्कि मात्रा या भाव की स्थिति स्पष्ट करते हैं।
इन उदाहरण वाक्यों के अभ्यास से छात्रों की वाक्य समझ बेहतर होती है। वे यह सीखते हैं कि किस स्थिति में कौन-सा मात्रा सूचक शब्द सही रहेगा। नीचे दिए गए अभ्यास प्रश्न इसी उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
जवाब (Answers)
नीचे दिए गए सभी वाक्यों में परिमाणवाचक विशेषण शब्द bold किए गए हैं। इन शब्दों को पहचानकर छात्र इस विषय में स्पष्ट समझ बना सकते हैं।
- कप में थोड़ा रस बचा हुआ है।
- आज बहुत धूप निकली है।
- उसे कम अभ्यास करना पड़ा।
- बर्तन में अधिक तेल डाला गया।
- बच्चे ने आधी किताब पढ़ ली।
- हमें पर्याप्त जानकारी मिली।
- डिब्बे में पूरा सामान रखा है।
- कमरे में कम जगह बची है।
- आज ज्यादा मेहनत करनी है।
- किसान के पास थोड़ी फसल है।
- मुझे बहुत संतोष मिला।
- बाल्टी में कम पानी भरा है।
- कक्षा में पर्याप्त रोशनी है।
- उसने आधा रास्ता पैदल चला।
- आज अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
- खाने में थोड़ा घी डाला गया।
- मुझे कम आराम मिला।
- दुकान में पूरा स्टॉक आया है।
- खेत में बहुत हरियाली है।
- बच्चे को ज्यादा थकान लगी है।
- आज बहुत हवा चल रही है।
- गिलास में थोड़ा शरबत रखा है।
- मुझे कम अवसर मिले।
- थाली में अधिक सब्जी रखी है।
- उसने आधा दूध पी लिया।
- मैदान में पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
- बोरी में पूरा अनाज भरा है।
- कमरे में कम शोर है।
- आज ज्यादा जिम्मेदारी निभानी है।
- माली के पास थोड़ी मिट्टी है।
- मुझे बहुत राहत मिली।
- टंकी में कम पानी दिखाई दे रहा है।
- कार्यालय में पर्याप्त व्यवस्था है।
- उसने आधा समय पढ़ाई में लगाया।
- आज अधिक प्रयास जरूरी है।
- दाल में थोड़ा नमक है।
- बच्चे को कम भूख लगी।
- अलमारी में पूरा सामान रखा है।
- शहर में बहुत भीड़ है।
- आज ज्यादा समय नहीं मिला।
सीखने के परिणाम (Learning Outcomes)
इस वर्कशीट के अभ्यास से विद्यार्थी वाक्यों में मात्रा बताने वाले शब्दों को सही ढंग से पहचानना सीखते हैं। इससे उनकी हिंदी व्याकरण की समझ मजबूत होती है और वे अपने लिखित व मौखिक उत्तरों में सही शब्दों का प्रयोग कर पाते हैं। यह अभ्यास भाषा कौशल को बेहतर बनाने में सहायक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
नीचे दिए गए प्रश्न इस विषय से जुड़े सामान्य सवालों पर आधारित हैं, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए उपयोगी हैं।
परिमाण वाचक विशेषण के उदाहरण क्या होते हैं?
वे शब्द जो किसी वस्तु या भाव की मात्रा बताते हैं, उदाहरण वाक्यों में परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं।
यह विषय किस कक्षा के छात्रों के लिए उपयोगी है?
यह विषय मुख्य रूप से कक्षा 5 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है।
इस प्रकार के अभ्यास क्यों जरूरी हैं?
अभ्यास से छात्र वाक्य संरचना और सही शब्द प्रयोग को आसानी से समझ पाते हैं।
सारांश (Quick Summary)
परिमाण वाचक विशेषण के उदाहरण (Pariman Vachak Visheshan Ke Udaharan) छात्रों को मात्रा बताने वाले शब्दों की पहचान कराते हैं। इस विषय का अभ्यास हिंदी व्याकरण को सरल और प्रभावी बनाता है। नियमित अभ्यास से बच्चे सही वाक्य निर्माण करना सीखते हैं और भाषा पर उनकी पकड़ मजबूत होती है।