
सर्वनाम के प्रकार | Sarvanam Ke Prakar
हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के प्रकार (Sarvanam Ke Prakar) को समझना बच्चों के लिए बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इससे वाक्य सही और स्पष्ट बनते हैं। सर्वनाम अलग-अलग परिस्थितियों में अलग अर्थ देता है, इसलिए उसके प्रकार जानना आवश्यक है। यह worksheet छात्रों को सर्वनाम के सभी मुख्य प्रकार सरल भाषा और उदाहरणों के साथ समझाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
हिंदी सर्वनाम के प्रकार (Sarvanam Ke Prakar Worksheet With Answers and Free PDF For Class 3 to Class 5)
सर्वनाम कई प्रकार के होते हैं और हर प्रकार का प्रयोग अलग स्थिति में किया जाता है। जब बोलने वाले, सुनने वाले या किसी तीसरे व्यक्ति की बात होती है, तब अलग प्रकार का सर्वनाम प्रयोग किया जाता है।
इस worksheet में सर्वनाम के प्रकार को तालिका, नियम और उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया है ताकि बच्चे आसानी से पहचान सकें और अभ्यास कर सकें।
सर्वनाम क्या है? (परिभाषा – Definition)
- वह शब्द जो संज्ञा (नाम) के स्थान पर प्रयोग किया जाता है, सर्वनाम कहलाता है।
- सर्वनाम भाषा को सरल, छोटा और दोहराव से बचाता है।
उदाहरण
- रीना स्कूल गई। रीना ने किताब ली।
- → यहाँ “रीना” बार-बार दोहराया गया है।
- रीना स्कूल गई। उसने ने किताब ली।
- → “उसने” संज्ञा के स्थान पर आया → यह सर्वनाम है।
सर्वनाम के प्रकार:
| No | सर्वनाम का प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
| 1 | पुरुषवाचक / व्यक्तिवाचक सर्वनाम | बोलने वाले, सुनने वाले या तीसरे व्यक्ति को दर्शाता है | मैं, तुम, वह, ये, वे |
| 2 | निजवाचक सर्वनाम | स्वयं पर प्रयोग होता है | खुद, स्वयं |
| 3 | निश्चयवाचक सर्वनाम | निश्चित वस्तु/व्यक्ति को दर्शाता है | वही, यही |
| 4 | अनिश्चितवाचक सर्वनाम | अनिश्चित वस्तु/व्यक्ति को दर्शाता है | कोई, कुछ |
| 5 | सम्प्रदानवाचक सर्वनाम | देने / प्राप्त करने वाले को दर्शाता है | मुझे, तुम्हें, उसे |
जवाब (Answers)
नीचे दिए गए उदाहरणों में सर्वनाम को bold में दिखाया गया है।
- मैं आज स्कूल जाऊँगा।
- वह किताब पढ़ रहा है।
- रोहन आया है। वह मुझे पुकार रहा है।
- बच्चे खेल रहे हैं। वे खुश हैं।
- स्कूल में जो बैग मिला, यही मेरा है।
सीखने के परिणाम (Learning Outcomes)
इस worksheet के अभ्यास से बच्चे सर्वनाम के विभिन्न प्रकारों को पहचानना सीखते हैं। वे यह समझ पाते हैं कि किस स्थिति में कौन-सा सर्वनाम प्रयोग करना चाहिए। इससे उनकी हिंदी लेखन, पठन और व्याकरण की समझ मजबूत होती है और वाक्य निर्माण में आत्मविश्वास बढ़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
नीचे दिए गए प्रश्न सर्वनाम के प्रकार विषय से जुड़े सामान्य सवालों पर आधारित हैं।
सर्वनाम के कितने प्रकार होते हैं।
हिंदी में सर्वनाम के कई प्रकार होते हैं जैसे पुरुषवाचक, निजवाचक, निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक।
सर्वनाम के प्रकार सीखना क्यों जरूरी है।
ताकि वाक्य में सही अर्थ और सही शब्द का प्रयोग किया जा सके।
सर्वनाम के प्रकार बच्चों को कैसे सिखाए जाएँ।
सरल उदाहरणों, चार्ट और worksheet अभ्यास के माध्यम से।
सारांश (Quick Summary)
सर्वनाम के प्रकार (Sarvanam Ke Prakar) हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसके सही ज्ञान से भाषा अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनती है। यह worksheet बच्चों को सर्वनाम के प्रकार समझने, पहचानने और अभ्यास करने में पूरी मदद करती है।