
समास के प्रकार | Samas Ke Prakar Worksheet
समास के प्रकार (Samas Ke Prakar Worksheet) हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसमें यह समझाया जाता है कि दो या दो से अधिक शब्द मिलकर नया शब्द कैसे बनाते हैं और उसका अर्थ क्या होता है। समास के प्रकार जानने से विद्यार्थियों को शब्दों की बनावट, अर्थ और प्रयोग को सही ढंग से समझने में मदद मिलती है। यह विषय कक्षा 5 से कक्षा 10 तक की परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछा जाता है।
समास के प्रकार वर्कशीट (Samas Ke Prakar Worksheet With Answers and Free PDF For Class 5 To Class 10)
इस वर्कशीट में समास की परिभाषा, उसके भाग और सभी प्रमुख प्रकारों को सरल भाषा में समझाया गया है। तालिका और उदाहरणों के माध्यम से समास के प्रकारों की पहचान करना आसान बनाया गया है, जिससे विद्यार्थी बिना भ्रम के सही उत्तर लिख सकें।
समास क्या है? – परिभाषा (Definition)
- जब दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं और उन शब्दों के बीच का विभक्ति चिह्न या संबंध छिप जाता है, तो उसे समास कहते हैं।
- समास से बना शब्द छोटा, स्पष्ट और अर्थपूर्ण होता है।
- उदाहरण: राजा का पुत्र → राजपुत्र
समास के दो भाग
- समस्त पद – जो नया शब्द बनता है
- समास विग्रह – समस्त पद को अलग-अलग करके अर्थ समझाना
समास के प्रकार (Short Table)
| क्रम | समास का प्रकार | पहचान / मुख्य बात | उदाहरण |
| 1 | अव्ययीभाव समास | पहला पद अव्यय होता है और वही प्रधान होता है | प्रतिदिन = प्रति + दिन |
| 2 | तत्पुरुष समास | उत्तर पद प्रधान होता है, “का/की/के” का भाव होता है | राजपुत्र = राजा का पुत्र |
| 3 | कर्मधारय समास | दोनों पद एक ही वस्तु का वर्णन करते हैं | नीलकमल = नीला कमल |
| 4 | द्विगु समास | पहला पद संख्या बताता है | त्रिभुज = तीन भुजाओं वाला |
| 5 | द्वंद्व समास | दोनों पद समान होते हैं, “और” का भाव होता है | माता-पिता = माता और पिता |
| 6 | बहुब्रीहि समास | कोई भी पद प्रधान नहीं, तीसरे अर्थ का बोध | नीलकंठ = जिसका कंठ नीला हो |
उदाहरण (Example)
- वह प्रतिदिन विद्यालय जाता है। → समास का प्रकार: अव्ययीभाव समास
- राजा का राजपुत्र बहुत वीर था। → समास का प्रकार: तत्पुरुष समास
- तालाब में एक नीलकमल खिला हुआ है। → समास का प्रकार: कर्मधारय समास
- त्रिभुज की तीन भुजाएँ होती हैं। → समास का प्रकार: द्विगु समास
- माता-पिता बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। → समास का प्रकार: द्वंद्व समास
- शिवजी को नीलकंठ कहा जाता है। → समास का प्रकार: बहुव्रीहि समास
सीखने के परिणाम (Learning Outcomes)
इस वर्कशीट के अभ्यास से विद्यार्थियों को समास के सभी प्रकारों की स्पष्ट समझ प्राप्त होती है। इससे वे समास की पहचान, विग्रह और सही प्रयोग करना सीखते हैं, जो परीक्षा और लेखन दोनों में सहायक होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
समास के प्रकार (Samas Ke Prakar) क्यों पढ़ना जरूरी है?
समास के प्रकार जानने से शब्दों का सही अर्थ और प्रयोग समझ में आता है।
समास के कितने प्रकार होते हैं?
समास के मुख्य छह प्रकार होते हैं- अव्ययीभाव समास, तत्पुरुष समास, कर्मधारय समास, द्विगु समास, द्वंद्व समास और बहुव्रीहि समास।।
क्या यह वर्कशीट परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी है?
हाँ, यह वर्कशीट कक्षा 5 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है।
सारांश (Quick Summary)
समास के प्रकार (Samas Ke Prakar Worksheet) हिंदी व्याकरण को सरल और प्रभावी बनाने में मदद करता है। इस वर्कशीट में सभी प्रकारों को उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया गया है। नियमित अभ्यास से विद्यार्थी समास से जुड़े प्रश्नों को आसानी से हल कर सकते हैं।